मृत्यु
जन्म सौ बार मिलता जीवन में,
जब भी मन बुने कोई सपना प्यारा
याकि टूटे सपना कोई पुराना ताकि
नव-स्वप्न-किसलय-दल खिल सकें ।
परंतु मृत्यु एक बार मिलती है ।।
झूठ मिलता हर पग पर
जब भी ज्ञान कोई पुराना
लिखती लेखिनी यह कहकर
वह तेरा था, यह मेरा है ।
परंतु सत्य एक बार सिलता है ।।
नहीं कहता मैं कि मिथ्या जन्म याकि जीवन है
नहीं, जन्म सत्य, सत्य जीवन है
परंतु मृत्यु तो सत्य का उत्कर्ष है।
तारों का टूटना मृत्यू नहीं
विश्वासों का ढहना मृत्यु नहीं
नहीं है यह आँखों का मूँदना
मृत्यु मौत नहीं अहसास है
मंजिल को पाने का,
पाकर चुप रह जाने का
आँखें जब कुछ ना पाएं आगे,
मन भी जब ना भागे आगे
जीवन का वही पड़ाव मृत्यु है ।।
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